मदन भैया ने विरोधियों को धीरे से दिए जोर के राजनीतिक झटके।
24x7 गाजियाबाद न्यूज़
खेकड़ा विधानसभा सीट से 4 बार विधायक रह चुके बाहुबली विधायक मदन भैया भले ही विधानसभा परिसीमन के बाद बनी नई विधानसभा सीट लोनी पर वोटों का जातीय गणित बिगड़ने के कारण पिछले दो चुनाव भले ही हार गए हो, लेकिन इन चुनावों में उन्होंने लगभग पचास पचास हजार वोट लेकर अपनी निजी लोकप्रियता को साबित जरूर किया है।
कुशल और मजे राजनीतिज्ञों की तरह मदन भैया कभी बड़बोला या घटिया बयान बाजी किसी विरोधी के लिए भी नहीं करते हैं। पूर्व विधायक मदन भैया का विरोधियों को शिकस्त देने का अंदाजे बयां कुछ अलग हटके है। जब भी किसी ने राजनीति में मदन भैया की सीढ़ी के सहारे पद प्रतिष्ठा प्राप्त कर धोखा देने और मौका परस्ती का प्रयास किया तो ऐसे लोगों को अर्श से फर्श पर लाने के लिए बाहुबली पूर्व विधायक मदन भैया कभी उनके विरुद्ध कोई बयानबाजी नहीं करते हैं बल्कि समय का इंतजार करते हैं।
पूर्व विधायक मदन भैया भले ही औपचारिक तौर पर राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े हों लेकिन समय-समय पर इनके जावली गांव स्थित निवास पर अन्य दलों के बड़े नेताओं का आगमन इस बात को दर्शाता है कि बड़े-बड़े नेताओं की तरह इनकी भी अन्य दलों के नेताओं से अच्छी खासी पैठ है। विभिन्न दलों से इन्हीं निजी ताल्लुकातों के जरिए राजनीतिक धोखेबाज और मौकापरस्त लोगों को अर्श से फर्श पर लाकर पूर्व विधायक धीरे से देते हैं जोर का झटका।
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वर्तमान में जिला पंचायत के प्रत्याशियों का चयन भी कुछ इस ओर ही इशारा कर रहा है। लोनी क्षेत्र के जिला पंचायत चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा ने ही कई स्थानीय बड़े नेताओं को अर्श से फर्श पर लाकर पटक दिया है। कई नेताओं के चेहरे की रंगत उड़ा दी है। इस चुनाव ने कई बयान वीरों के मुंह पर ताले जड़ दिए हैं। लोगों का तो यहां तक भी कहना है कि जिला पंचायत पद के टिकट बंटवारे में विधानसभा लोनी के बड़े नेताओं को एक पार्टी विशेष ने हाशिए पर लाकर 2022 के चुनाव का असली आईना पहले ही दिखा दिया है।
अगर लोनी विकासखंड क्षेत्र की तीनों जिला पंचायत सीटों पर नजर डालें तो पूर्व विधायक मदन भैया अपने मिशन और मकसद में कामयाब होते नजर आ रहे हैं। अगर वार्ड नंबर 12 पर नजर डालें तो इस वार्ड में ऋषि प्रमुख की पत्नी रामेश्वरी कसाना भाजपा द्वारा प्रत्याशी घोषित की गई है जो बबली कसाना कोतवालपुर और प्रदीप कसाना जावली की आपसी खींचतान में भाजपा का टिकट पाने में कामयाब रही हैं। इस वार्ड से पिछली बार विजेता रहे अनिल कसाना प्रमुख के अति निकट माने जाने वाले ऋषि प्रमुख की पत्नी श्रीमती रामेश्वरी कसाना के चुनाव मैदान में उतरने से अनिल प्रमुख की भी इज्जत दाव पर लग गई है। विगत दिनों ऋषि प्रमुख ने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करते वक्त अपने होर्डिंग पर पूर्व विधायक मदन भैया का फोटो लगाकर प्रचार करना शुरू किया था लेकिन पूर्व विधायक ने बिना अनुमति फोटो लगाने के विरुद्ध टीला मोड़ थाने में तहरीर देकर जनता को स्पष्ट संदेश दे दिया था कि जिस ऋषि पाल को लोनी से निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बनाया था अब वह मदन भैया की गुड बुक में नहीं है।
वही दूसरी तरफ ऋषि प्रमुख को अनिल प्रमुख का करीबी माना जाता है और अनिल प्रमुख और स्थानीय विधायक नंदकिशोर गुर्जर के बीच भी राजनीतिक तौर पर 36 का आंकड़ा है।
वैसे भी इस सीट पर स्थानीय विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने बबली कसाना की पत्नी धनेश कसाना को भाजपा से टिकट दिलाने की पुरजोर कोशिश की थी। इसलिए वार्ड नंबर 12 की भाजपा से घोषित उम्मीदवार ऋषि प्रमुख की पत्नी श्रीमती रामेश्वरी कसाना स्थानीय विधायक नंदकिशोर गुर्जर की गुड बुक की प्रत्याशी नहीं हो सकती।
आमतौर पर पंचायत स्तरीय चुनावों में पूर्व विधायक मदन भैया की सक्रियता देखने को नहीं मिलती थी सूत्रों की माने तो चुनाव में सक्रिय न होने का कारण प्रत्येक सीट पर मदन भैया से नजदीकी रखने वाले उम्मीदवारों की भरमार होना था। हालांकि इस बार भी प्रत्येक सीट पर कई कई नजदीकी उम्मीदवार आमने-सामने उम्मीदवार हैं। लेकिन इस बार के तेवर और अंदाज हर बार से जुदा है क्योंकि मदन भैया की पंचायत चुनावों में चुप्पी के कारण कई बार विरोधियों की भी जीत हासिल करने में ताल बैठ जाती थी।
लेकिन इस बार पूर्व विधायक मदन भैया के तेवर कुछ तीखे दिख रहे हैं। वह हर सीट पर अपने विरोधियों और मौकापरस्त धोखा देने वालों को पूरी तरह शिकस्त देने के मूड में है। इसीलिए जिला पंचायत के वार्ड 12 पर मदन भैया का हर संभव प्रयास रहेगा कि उनका चहेता उम्मीदवार ही इस सीट पर कामयाब हो। क्योंकि इसी वार्ड में मदन भैया का पैतृक गांव जावली भी पड़ता है।
अगर वार्ड 13 पर नजर डालें तो जब ईश्वर मावी के विषय में क्षेत्र की जनता को इस बात की रत्ती भर भी उम्मीद नहीं की थी कि ईश्वर मावी अपनी पुत्र वधू अंशु मावी को बीजेपी का टिकट हासिल कराने में कामयाब हो सकेंगे तब भी पूर्व विधायक मदन भैया की शरण में पहुंचे ईश्वर मावी को मदन भैया का आशीर्वाद प्राप्त हो गया था। क्योंकि इस सीट पर पवन मावी की पत्नी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी मावी को भाजपा का टिकट पाने का सबसे अकाटय दावेदार माना जा रहा था। जिन्हें पिछली बार जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में पूर्व विधायक मदन भैया का भी अहम रोल रहा था। लेकिन पवन मावी ने जिला पंचायत के पूरे कार्यकाल के दौरान स्थानीय विधायक नंदकिशोर गुर्जर के प्रति निकटता बनाकर पूर्व विधायक मदन भैया से दूरी बनाए रखी। शायद यही वजह रही कि इस बार ईश्वर मावी द्वारा पूर्व विधायक मदन भैया के आवास पर पहुंचते ही आशीर्वाद मिल गया। भले ही बाद में किन्हीं राजनीतिक परिस्थितियों की वजह से पवन मावी की पत्नी लक्ष्मी मावी का भाजपा से टिकट ही काट दिया गया। लेकिन ईश्वर मावी को भाजपा से टिकट मिलने से पहले की परिस्थितियों में मदन भैया ने आशीर्वाद देकर राजनीतिक ऑक्सीजन देने का काम कर दिया था। यहां तक कि उस वक्त ईश्वर मावी चुनाव लड़ने अथवा न लड़ने की उहापोह में थे और पवन मावी को इस सीट पर अजेय उम्मीदवार माना जा रहा था।
पूर्व विधायक मदन भैया के द्वारा ईश्वर मावी को दिए गए आशीर्वाद ने इस वार्ड का राजनीतिक परिदृश्य ही बदल दिया। ईश्वर मावी पर आशीर्वाद की मोहर लगाकर पूर्व विधायक मदन भैया जनता को पहले ही संदेश दे चुके हैं।
अगर वार्ड नंबर 14 की बात करें तो मदन भैया का मानना है कि इस वार्ड में भी ऐसे उम्मीदवार को चुनाव जिताने का काम करेंगे कि जो उनके राजनीतिक विरोधियों के नाक में दम कर सकें। भले ही वह किसी भी दल से ताल्लुक रखते हो।
