अवैध निर्माण वाली बिल्डिंगों पर लगी है सील अंदर बसते जा रहे लोग।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन जोन 7 में दर्जनों इमारत सील की गई है। जीडीए की टीम ने सीलिंग के नाम पर खानापूर्ति की है। बिल्डिंग में दीवारों पर सील लगी है, लेकिन दरवाजे खुले हैं। इसका फायदा उठाकर बिल्डर फ्लैट में लोगों को बसा रहे हैं। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि सब जानते हुए भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
राजेंद्र नगर के सेक्टर 3 के 9 ब्लॉक में एक भूखंड पर बिल्डर ने भूतल के अतिरिक्त 4 मंजिल की इमारत बनाई है जहां पर 4 की जगह 16 फ्लैटों का निर्माण किया गया है। पिछले दिनों जीडीए की परिवर्तन टीम ने बिल्डिंग को सील किया था। सीलिंग ऐसी की गई कि गेट खुले हैं। बिल्डिंग के सामने की दीवार पर सील के रिबन से क्रॉस बना दिया गया है। गेट खुला होने से बिल्डर के द्वारा फ्लैटों में लोगों को बसाया जा रहा है। ऐसे में बिल्डिंग बाहर से सील है और इमारत में लोग रह रहे हैं।
वहीं लाजपत नगर एफ बी ब्लॉक में भी एक भवन को सील किया गया था। इस भवन में भी लोग रह रहे हैं। लोगों की माने तो बिल्डर और भी लोगों को बसा रहा है। यही हाल अन्य सील की गई इमारत का भी है।
अतिरिक्त निर्माण रोका नहीं दिखावे के लिए की सीलिंग।
4 यूनिट की जगह 16 यूनिट का निर्माण रातों-रात नहीं हो गया। बिल्डिंग का निर्माण होने में कई महीने लगे, लेकिन जिले की टीम अवैध निर्माण नहीं रोक सकी। आरोप है कि जीडीए के कुछ अधिकारी व कर्मचारियों की बिल्डरों के साथ सांठ-गांठ है। तभी यह कार्य होता है जब शिकायतें आती हैं। तभी यह कार्य होता है, तो सीलिंग की खानापूर्ति कर चले जाते हैं।
सीलिंग के बाद भी निर्माण कार्य होता है। ध्वस्तीकरण के नाम पर भी खानापूर्ति होती है। ऐसे में अवैध निर्माण नहीं रुक रहा है।
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